Varanasi Famous Places, Food & Things Know in Hindi (2026)

Varanasi

Varanasi Famous: वाराणसी किस लिए प्रसिद्ध है? जानें 15 खास बातें

भारत में कई ऐसे शहर हैं जिनकी पहचान उनकी संस्कृति, इतिहास और धार्मिक परंपराओं से होती है। Varanasi Famous भी ऐसा ही एक शहर है। उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के किनारे बसा वाराणसी काशी और बनारस के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर अपने प्राचीन मंदिरों, खूबसूरत घाटों, गंगा आरती, बनारसी पान, स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड और रेशमी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है।

अगर आप जानना चाहते हैं कि Varanasi famous kis liye hai, तो इस लेख में आपको वाराणसी की प्रसिद्ध जगहों, मंदिरों, खाने-पीने की चीजों, बाजारों और संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी।

वाराणसी किस लिए प्रसिद्ध है?Varanasi famous places

Varanasi Famous मुख्य रूप से काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा आरती, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, बनारसी साड़ी, बनारसी पान और अपने पारंपरिक खानपान के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा, यहां से कुछ दूरी पर स्थित सारनाथ भी ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

आइए जानते हैं वाराणसी की 15 प्रसिद्ध चीजों के बारे में।

1. काशी विश्वनाथ मंदिर Famous temples in Varanasi

काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और बारह ज्योतिर्लिंगों में गिना जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।

अगर आप वाराणसी घूमने जा रहे हैं, तो मंदिर के दर्शन के साथ आसपास की प्रसिद्ध गलियों और बाजारों को भी देख सकते हैं। मंदिर में जाने से पहले दर्शन, प्रवेश और सुरक्षा से जुड़े मौजूदा नियमों की जानकारी जरूर लें।

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2. दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती Varanasi Famous

दशाश्वमेध घाट वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध घाटों में शामिल है। यहां शाम के समय होने वाली गंगा आरती देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

आरती के दौरान दीप, घंटियों की आवाज और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। पर्यटक घाट की सीढ़ियों से या उपलब्ध नावों से आरती देख सकते हैं। भीड़ से बचने के लिए समय से पहले पहुंचना बेहतर रहता है। जो की हर दिन शाम को 6 बजे शुरू होता है

3. अस्सी घाट Varanasi Famous

अस्सी घाट वाराणसी की लोकप्रिय जगहों में से एक है। सुबह के समय यहां का वातावरण काफी आकर्षक लगता है। लोग गंगा के किनारे टहलने, योग करने, सूर्योदय देखने और नाव की सवारी का आनंद लेने आते हैं।

अगर आप शहर की भागदौड़ से थोड़ा अलग समय बिताना चाहते हैं, तो अस्सी घाट पर सुबह जाना अच्छा विकल्प है। यहां आसपास चाय, नाश्ते और खाने-पीने की कई दुकानें भी मिलती हैं।

4. बनारसी पान Varanasi Famous

बनारसी पान का नाम सुनते ही बहुत से लोगों को बनारस की याद आ जाती है। पान यहां की सांस्कृतिक पहचान का एक हिस्सा है। इसकी कई किस्में मिलती हैं और इसे पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है। जर्दा पान मीठापान गुलकंद पान

वाराणसी की गलियों में घूमते समय आप स्थानीय पान की दुकानों पर इसे देख सकते हैं। हालांकि, तंबाकू या सुपारी वाले उत्पादों के स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को ध्यान में रखना चाहिए।

5. बनारसी साड़ी Varanasi Famous

वाराणसी अपनी खूबसूरत बनारसी सिल्क साड़ियों के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। इन साड़ियों पर रेशम, जरी और बारीक डिजाइन का काम किया जाता है। शादी और दूसरे खास अवसरों पर बनारसी साड़ियों की काफी मांग रहती है। वाराणसी सारी इतनी सुन्दर और फेमस है की जो भी घुमने आता है बिना ख़रीदे इसको जा नहीं पाता है इतनी सुन्दर होती है बनारसी सारी

अगर आप वाराणसी में खरीदारी करना चाहते हैं, तो स्थानीय साड़ी बाजारों और विश्वसनीय बुनकरों की दुकानों पर जा सकते हैं। खरीदते समय कपड़े की गुणवत्ता, असली रेशम की जानकारी, जरी के प्रकार और बिल की जांच जरूर करें।

6. बनारसी कचौड़ी-सब्जी Varanasi Famous

Varanasi Famous का नाश्ता भी काफी लोकप्रिय है। यहां कचौड़ी के साथ मसालेदार सब्जी खाने का अपना अलग स्वाद है। सुबह के समय पुरानी गलियों में कई दुकानें नाश्ते के लिए खुलती हैं। वाराणसी आये और यहाँ का कचुरी सब्जी ना खाए तो आना बेकार समझे इसका taste एक बार अवश्य लेना चाहिए |

अगर आप बनारस घूमने आए हैं, तो स्थानीय कचौड़ी-सब्जी का स्वाद चख सकते हैं। दुकान चुनते समय साफ-सफाई और ताजा भोजन पर ध्यान दें।

7. बनारसी टमाटर चाट Varanasi Famous

टमाटर चाट आपको खाने के लिए जैसा वाराणसी में मिल जाता है वैसा आपको कही भी खाने को नहीं मिलेगा इसलिए इसका भी स्वाद एक बार जरुर लेना चाहिए वाराणसी के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड में से एक है। इसे आमतौर पर मसालों, आलू और दूसरी सामग्री के साथ तैयार किया जाता है। इसका स्वाद सामान्य चाट से थोड़ा अलग होता है।

स्थानीय चाट की दुकानों पर आपको इसके अलग-अलग रूप मिल सकते हैं। अगर आपको तीखा खाना पसंद है, तो यह आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

8. बनारसी लस्सी और मलाईयो

Varanasi Famous लस्सी अपने गाढ़े स्वाद और पारंपरिक प्रस्तुति के लिए प्रसिद्ध है। इसके बारे में तो बात ही करने लायक नहीं है जिसको सुनते ही मुह में पानी आ जाये उसकी बात नहीं करनी चाहिए बल्कि उसको खाना चाहिए साथ हीं मलाईयो सर्दियों में मिलने वाली एक खास मिठाई है, जिसे दूध से तैयार किया जाता है।

मलाईयो हल्की और झागदार होती है तथा इसे अक्सर सुबह के समय बेचा जाता है। ध्यान रखें कि इसकी उपलब्धता मौसम और दुकान के अनुसार बदलती है।

9. सारनाथ Varanasi Famous

सारनाथ वाराणसी के पास स्थित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और बौद्ध धार्मिक स्थल है। मान्यता और बौद्ध परंपरा के अनुसार, ज्ञान प्राप्ति के बाद गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश यहीं दिया था।

यहां धमेख स्तूप, पुरातात्विक अवशेष, संग्रहालय और कई बौद्ध मठ देखने को मिलते हैं। इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए सारनाथ की यात्रा खास अनुभव हो सकती है।

10. संकट मोचन हनुमान मंदिर

संकट मोचन हनुमान मंदिर वाराणसी के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां भगवान हनुमान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। जो की Varanasi Famous मंदिर में से एक बहुत ही फेमस मंदिर है

धार्मिक अवसरों और त्योहारों पर मंदिर में भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए दर्शन की योजना बनाते समय समय और यातायात का ध्यान रखें।

11. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय भारत के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थानों में शामिल है। इसका परिसर शिक्षा, इतिहास और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है।

विश्वविद्यालय परिसर में नया विश्वनाथ मंदिर भी एक आकर्षण है। यहां जाते समय संस्थान के प्रवेश और परिसर संबंधी नियमों का पालन करें।

12. नमो घाट Varanasi Famous

नमो घाट वाराणसी में गंगा नदी के किनारे विकसित एक आधुनिक घाट है। यहां लोग नदी का नजारा देखने, घूमने और तस्वीरें लेने आते हैं।

अगर आप वाराणसी के पारंपरिक घाटों के साथ एक आधुनिक नदी किनारे का स्थान भी देखना चाहते हैं, तो नमो घाट को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं। यात्रा से पहले वहां की उपलब्ध सुविधाओं और प्रवेश संबंधी जानकारी की जांच कर लें।

13. रामनगर किला Varanasi Famous

रामनगर किला वाराणसी के पास गंगा के पूर्वी किनारे पर स्थित एक ऐतिहासिक Varanasi Famous स्थल है। यह अपने पुराने स्थापत्य और राजपरिवार से जुड़े इतिहास के लिए जाना जाता है।

इतिहास, पुरानी इमारतों और फोटोग्राफी में रुचि रखने वाले लोग यहां घूमने जा सकते हैं। किले के संग्रहालय और अन्य सुविधाओं के खुलने का समय यात्रा से पहले जांचना उचित है।

14. बनारसी संगीत और संस्कृति

वाराणसी की पहचान सिर्फ मंदिरों और घाटों तक सीमित नहीं है। यह शहर भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक परंपराओं, साहित्य और कला के लिए भी प्रसिद्ध रहा है।

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, पंडित रविशंकर और गिरिजा देवी जैसे कलाकारों का नाम बनारस की संगीत परंपरा से जुड़ा है। यहां त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान संगीत तथा कला से जुड़े कार्यक्रम भी देखने को मिल सकते हैं।

15. देव दीपावली Varanasi Famous

देव दीपावली पर देश बिदेश से बहुत सरे लोग आते है इसे देखने के लिए यह वाराणसी के प्रमुख त्योहारों में से एक त्यौहार है। यह कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मनाई जाती है और इस दौरान गंगा के घाटों पर बड़ी संख्या में दीप और लाइट जलाए जाते हैं।

दीपों और लाइटों से सजे इस गंगा घाट और गंगा के किनारे का दृश्य देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। त्योहार के समय शहर में भारी भीड़ हो सकती है, इसलिए ठहरने, यातायात और नाव की व्यवस्था पहले से करना बेहतर रहता है।

Sant Ravidas Smarak Park

Varanasi Famous संत रविदास की 631वीं जयंती के उपलक्ष्य में बनाया गया, संत रविदास घाट पर स्थित यह 25 एकड़ का पार्क आपकी वाराणसी यात्रा में रोमांच जोड़ सकता है। यहाँ पर्यटकों के लिए हीलियम बैलून राइड की सुविधा उपलब्ध है, जिसका आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं और ऊपर से इस पवित्र शहर का नज़ारा देखते हैं। रविदास घाट पर ही संत रविदास का मंदिर भी है और यह ‘श्री रविदास जन्म स्थान’ से गाड़ी द्वारा मात्र 13 मिनट की दूरी पर है।

यहाँ जाने का सबसे अच्छा समय: सुबह जल्दी या शाम के समय, जब मौसम सुहावना होता है और आप यहाँ के नज़ारों और नदी किनारे के माहौल का आनंद ले सकते हैं। यात्रा टिप: यदि आप ‘श्री गुरु रविदास जन्म स्थान मंदिर’ जा रहे हैं, तो अपनी यात्रा योजना में संत रविदास घाट और स्मारक पार्क को भी शामिल करें। इससे आप संत रविदास से जुड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बेहतर ढंग से जान सकेंगे।

 Nepali Mandir Varanasi Famous

नेपाल के निर्वासित राजा राणा बहादुर शाह द्वारा ललिता घाट पर बनवाया गया यह मंदिर, नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुकला शैली पर आधारित है। सावन के महीने में यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

स्थान: ललिता घाट, मणिकर्णिका घाट के पास, Varanasi Famous.
जाने का सबसे अच्छा समय: पवित्र सावन के महीने में, या फिर सुबह-सुबह के समय, जब आप शांति से दर्शन कर सकते हैं।
यात्रा टिप: वाराणसी के ‘मिनी पशुपतिनाथ मंदिर’ के रूप में मशहूर यह मंदिर अपनी बारीक लकड़ी की नक्काशी और विशिष्ट नेपाली शैली की वास्तुकला के लिए जाना जाता है।

Vindham Waterfalls

चारों ओर घनी हरियाली और चट्टानी नज़ारों से घिरा, विंधम झरना वाराणसी के आध्यात्मिक माहौल से दूर एक सुकून भरा अनुभव देता है। मिर्जापुर के पास स्थित यह झरना साल भर प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और रोमांच के शौकीनों को अपनी ओर आकर्षित करता है। खासकर मानसून के दौरान और उसके बाद, यहाँ गिरते पानी का नज़ारा इतना सुंदर होता है कि यह वाराणसी के आस-पास वीकेंड बिताने की सबसे लोकप्रिय जगहों में से एक बन जाता है। यहाँ का शांत वातावरण पर्यटकों को शहर की भीड़-भाड़ से दूर, प्रकृति के बीच आराम करने का मौका देता है। Varanasi Famous.

स्थान: विंधम झरना, विंध्याचल, मिर्जापुर ज़िला,
वाराणसी सिटी सेंटर से दूरी: लगभग 70 किमी (सड़क मार्ग से लगभग 1.5 से 2 घंटे)
जाने का सबसे अच्छा समय: जुलाई से फरवरी तक, खासकर मानसून के दौरान और उसके बाद, जब यह झरना अपने सबसे खूबसूरत रूप में होता है।
यात्रा टिप: आरामदायक जूते पहनें और मानसून के दौरान फिसलन भरी चट्टानों के बहुत करीब जाने से बचें। आप अपनी इस यात्रा के साथ पास ही स्थित प्रसिद्ध विंध्यावासिनी मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं।

नोट: इस झरने को अक्सर ‘विंधम वॉटरफॉल’ (Windham Waterfall) या ‘विंधम फॉल्स’ (Wyndham Falls) के नाम से भी जाना जाता है।

वाराणसी घूमने का सबसे अच्छा समय

वाराणसी को घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च तक का समय आम तौर पर आरामदायक माना जाता है। इस अवधि में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है और घाटों, मंदिरों तथा पुरानी गलियों में घूमना बहुत आसान होता है।

गर्मी के दिनों में तापमान अधिक हो सकता है, जबकि सर्दियों में सुबह कोहरा मिल सकता है। यात्रा का समय तय करने से पहले मौसम और त्योहारों की तारीखें जांच लें।

वाराणसी कैसे पहुंचें?

हवाई मार्ग: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाराणसी पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग: वाराणसी जंक्शन और शहर के अन्य रेलवे स्टेशनों के लिए विभिन्न शहरों से ट्रेनें मिलती हैं।

सड़क मार्ग: वाराणसी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के कई शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।

यात्रा से पहले अपनी तारीख के अनुसार ट्रेन, फ्लाइट या बस की उपलब्धता जांचें।

वाराणसी घूमने के लिए कितने दिन चाहिए?

अगर आप सिर्फ मुख्य मंदिरों और घाटों को देखना चाहते हैं, तो एक दिन में कुछ प्रमुख जगहें देख सकते हैं। लेकिन मंदिरों के दर्शन, गंगा आरती, सुबह की नाव यात्रा, स्थानीय खानपान और सारनाथ घूमने के लिए दो दिन या उससे अधिक समय रखना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा।

आप अपनी यात्रा का कार्यक्रम बजट, मौसम और भीड़ के अनुसार बना सकते हैं।

निष्कर्ष

वाराणसी भारत का ऐसा शहर है जहां धार्मिक आस्था, इतिहास, कला, संगीत और खानपान का अनोखा मेल देखने को मिलता है। काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा आरती से लेकर बनारसी साड़ी, टमाटर चाट और सारनाथ तक, यहां घूमने और जानने के लिए बहुत कुछ है।

अगर आप भारत की प्राचीन संस्कृति को करीब से समझना चाहते हैं, तो वाराणसी की यात्रा एक यादगार अनुभव हो सकती है। यात्रा पर जाने से पहले मंदिरों के नियम, मौसम और परिवहन की जानकारी जरूर प्राप्त करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. वाराणसी किस लिए प्रसिद्ध है?

वाराणसी काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा आरती, प्राचीन घाटों, बनारसी पान, बनारसी साड़ी और स्थानीय खानपान के लिए प्रसिद्ध है।

2. वाराणसी में सबसे प्रसिद्ध जगह कौन-सी है?

काशी विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और सारनाथ यहां की प्रमुख जगहों में शामिल हैं।

3. वाराणसी का प्रसिद्ध खाना क्या है?

बनारसी कचौड़ी-सब्जी, टमाटर चाट, बनारसी लस्सी, चूड़ा-मटर और बनारसी पान यहां की लोकप्रिय खाद्य चीजें हैं।

4. वाराणसी में घूमने के लिए कितने दिन पर्याप्त हैं?

मुख्य आकर्षणों के लिए एक से दो दिन रख सकते हैं। सारनाथ और आसपास के स्थानों को आराम से देखने के लिए अधिक समय उपयोगी रहेगा।

5. वाराणसी घूमने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?

अक्टूबर से मार्च तक का समय आम तौर पर घूमने के लिए अच्छा रहता है, हालांकि मौसम और त्योहारों के अनुसार योजना बनानी चाहिए।